भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
इन जिलों पर बारिश का ज्यादा असर: मौसम विभाग के अलर्ट और उपलब्ध पूर्वानुमानों के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश के छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, अनूपपुर, पांढुर्णा सहित आसपास के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 23 सितंबर के पूर्वानुमान में कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा को विशेष रूप से बारिश के लिहाज से संवेदनशील बताया गया था।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर: 25 और 26 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान में इन क्षेत्रों में कहीं तेज तो कहीं हल्की-मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
25-26 सितंबर सबसे महत्वपूर्ण: IMD के उप-विभागीय चेतावनी बुलेटिन में पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 25 और 26 सितंबर को Very Heavy Rain यानी अति भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए इन्हीं दोनों दिनों में Heavy Rain यानी भारी बारिश का अलर्ट है। साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियों की भी चेतावनी दी गई है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत: बारिश के इस दौर में नदी-नालों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग के आगामी स्थानीय पूर्वानुमानों पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि जिला-वार चेतावनी मौसम प्रणाली की दिशा और तीव्रता के अनुसार बदल सकती है।
मौसम का सार: बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और मौसमी सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश में बारिश का एक और दौर सक्रिय हो रहा है। 24 सितंबर को पूर्वी MP में भारी बारिश, जबकि 25-26 सितंबर को पूर्वी MP में अति भारी और पश्चिमी MP में भारी बारिश की संभावना है। मानसून की विदाई से पहले यह बारिश प्रदेश के कई जिलों को एक बार फिर प्रभावित कर सकती है।
