
संवाददाता इंद्रजीत बगड़ावत की खास रिपोर्ट
महाकालेश्वर मंदिर के पास चल रहे निर्माण कार्य के दौरान एक प्राचीन लिंग मिलन की खबर ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। यह खोज उस समय सामने आई थी जब महाकाल लोक प्रोजेक्ट और आगामी वास्तुशिल्प के तहत मंदिर परिसर के आसपास खुदाई का काम जारी किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मंदिरों के अलावा, यहां से मिट्टी निकाली गई, पत्थरों से निर्मित एक जलाधारी शिवलिंग भी सामने आया, जिसके बाद मकबरे पर मौजूद लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। देखते ही देखते वहां आस्था की भीड़ उमड़ पड़ी और “हर हर महादेव” के जयघोष गूंज उठे।
इस घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया और क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया है। पुजारियों द्वारा मस्जिद पर ही पूजा-अर्चना शुरू की गई, जबकि पुजारियों द्वारा जांच के लिए बुलाया गया है। प्रारंभिक अभिलेख के अनुसार यह शिलालेख वर्ष सैकड़ों से लेकर लगभग एक हजार पुराना हो सकता है, जो इस क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक विरासत की ओर इशारा करता है। हालाँकि सोशल मीडिया पर इसे चमत्कारिक घटना के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह खोज सामान्य खुदाई प्रक्रिया के दौरान सामने आई है। अब सभी की नजरें पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस महत्वपूर्ण खोज के ऐतिहासिक महत्व को स्पष्ट करती हैं।






