Skip to content
THE REAL INSIGHT INDIA

THE REAL INSIGHT INDIA

VOICE OF INDIA

Primary Menu
  • Home
  • National
  • MP News
  • Politics
  • Crime
  • Business
  • Bollywood
  • Lifestyle
E - PAPER
  • Home
  • 22/09/2025 की शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई: आगर वन परिक्षेत्र में 6600 क्विंटल अवैध लकड़ी का भंडारण, SDO ने टाली जांच, DFO के निर्देश भी बेअसर
  • MP News

22/09/2025 की शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई: आगर वन परिक्षेत्र में 6600 क्विंटल अवैध लकड़ी का भंडारण, SDO ने टाली जांच, DFO के निर्देश भी बेअसर

Rahul Vishwakarma May 3, 2026 1 minute read
file_00000000795871faa15ba94de7a741f0
Post Views: 4

आगर वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार और विभागीय मिलीभगत का मामला अब प्रशासनिक उदासीनता और संदिग्ध भूमिका का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। 22 सितंबर 2025 को की गई शिकायत, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों और आरा मशीन संचालकों की गहरी मिलीभगत, अवैध चिरान, भंडारण और परिवहन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे, आज तक लंबित पड़ी हुई है। लगभग छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच की स्थिति शून्य बनी हुई है और अवैध गतिविधियां पहले की तरह ही जारी हैं।

शिकायतकर्ता  द्वारा दिनांक 22/09/2025 को प्रस्तुत शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि वन परिक्षेत्र आगर के अंतर्गत विभागीय अधिकारियों और आरा मशीन मालिकों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियां बड़े पैमाने पर संचालित हो रही हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि आरा मशीनों की वास्तविक चिरान क्षमता को जानबूझकर छिपाया जाता है ताकि निर्धारित सीमा से अधिक लकड़ी का चिरान किया जा सके, और निरीक्षण के दौरान बिजली मीटर की रीडिंग तथा बिलों की जांच भी नहीं की जाती।

शिकायत में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया था कि आरा मशीनों पर बिना अनुमति के अवैध काष्ठ का भंडारण किया जा रहा है, जो विभागीय मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। इसके साथ ही यह भी सामने आया कि ट्रांजिट पास (TP) के बिना लकड़ी का अवैध परिवहन खुलेआम किया जा रहा है

शिकायत के अनुसार आगर वन परिक्षेत्र में कुल 22 आरा मशीनें संचालित हैं और प्रत्येक मशीन पर लगभग 300 क्विंटल लकड़ी का भंडारण किया गया है। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 6600 क्विंटल लकड़ी का अवैध भंडारण किया जा रहा है, जो विभागीय मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। यह आंकड़ा स्वयं इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया था कि विभागीय अधिकारियों द्वारा जानबूझकर आरा मशीन निरीक्षण दस्तावेज और रजिस्टर में छेड़छाड़ की जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता उजागर न हो सके। रिकॉर्ड में चिरान की मात्रा कम दिखाई जाती है जबकि वास्तविकता में निर्धारित सीमा से कहीं अधिक लकड़ी का चिरान किया जा रहा है।

शिकायत में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि आरा मशीन मालिकों द्वारा भंडारित लकड़ी का चिरान कर लगभग 30 से 40 ट्रक प्रतिमाह अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है। प्रत्येक ट्रक में लगभग 100 क्विंटल लकड़ी लोड होती है और यह पूरा परिवहन वन विभाग एवं परिवहन विभाग की मिलीभगत से बिना किसी रोक-टोक के संचालित हो रहा है। स्थानीय स्तर पर इन गतिविधियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

यह भी बताया गया था कि क्षेत्र में अवैध रूप से लकड़ियों की कटाई लगातार जारी है, जिससे पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को गंभीर नुकसान हो रहा है। वन्यजीवों के आवास प्रभावित हो रहे हैं और जैव विविधता पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।

इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक घटनाक्रम भी सामने आया है। वन मंडल अधिकारी, सामान्य वनमंडल शाजापुर द्वारा उप वन मंडल अधिकारी को इस शिकायत की जांच के लिए निर्देशित किया गया था। इसके बावजूद उप वन मंडल अधिकारी द्वारा स्वयं जांच करने के बजाय शिकायत को उसी वन परिक्षेत्र अधिकारी को भेज दिया गया, जिसके विरुद्ध शिकायत की गई थी। यह कदम अपने आप में जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

इसके बाद वन मंडल अधिकारी द्वारा दिनांक 10/03/2026 को एक पत्र (क्रमांक / स्टेनो / 2026/995) जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से उप वन मंडल अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं इस शिकायत की जांच करें और दो दिवस के भीतर स्पष्ट प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। पत्र में यह भी कहा गया कि जांच में संलिप्त अधिकारी-कर्मचारियों का उल्लेख करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया जाए और अवैध गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगाया जाए।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में भी यह शिकायत जांच हेतु भेजी गई थी, लेकिन उप वन मंडल अधिकारी द्वारा स्वयं जांच न कर मामले को परिक्षेत्र अधिकारी को भेज दिया गया, जो कि प्रक्रिया के विपरीत है। इस कारण वन मंडल अधिकारी को पुनः हस्तक्षेप करना पड़ा और सीधे निर्देश जारी करने पड़े।

इसके बावजूद वर्तमान स्थिति यह है कि आज दिनांक तक उप वन मंडल अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार की ठोस जांच या कार्रवाई नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और इसी कारण जांच को जानबूझकर लंबित रखा गया है।

इस बीच अवैध लकड़ी का व्यापार उसी प्रकार जारी है। आरा मशीनों पर भंडारण, चिरान, ट्रकों के माध्यम से परिवहन और दस्तावेजों में हेराफेरी जैसी गतिविधियां लगातार संचालित हो रही हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि शिकायत और उच्च अधिकारियों के निर्देशों का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, जिसमें आरा मशीनों की बिजली मीटर रीडिंग, भंडारण रजिस्टर, चिरान रिकॉर्ड, TP दस्तावेज, POR और परिवहन से जुड़े सभी रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया जाए, तो यह मामला एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आ सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शिकायत, प्रमाण और उच्च स्तर के निर्देश सब कुछ मौजूद है, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या यह केवल प्रशासनिक लापरवाही है या फिर इस पूरे अवैध नेटवर्क को संरक्षण प्राप्त है?

जब तक इस मामले में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आगर वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी का यह कारोबार इसी प्रकार चलता रहेगा और राज्य के राजस्व तथा पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचाता रहेगा।

About the Author

Rahul Vishwakarma

Administrator

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: आखिरी ओवर में धमाका: दिल्ली कैपिटल्स ने 226 रन चेज कर राजस्थान रॉयल्स को हराया
Next: बंगाल में सियासी भूकंप: भाजपा का प्रचंड उभार, टीएमसी बैकफुट पर!

Related Stories

file_0000000095a481f8afe032d3f92c4406
  • MP News
  • Ujjain news

मध्य प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 25-26 सितंबर को अति भारी बारिश का अलर्ट — बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से पूर्वी MP में ज्यादा असर

Rahul Vishwakarma September 24, 2026
file_00000000f60c8208a075b56b13976af3
  • MP News
  • Politics
  • Ujjain news
  • दतिया न्यूज

दतिया उपचुनाव 2026: कांग्रेस की धमाकेदार वापसी, भाजपा को बड़ा झटका; क्या नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलना पड़ा भारी?

Rahul Vishwakarma August 3, 2026
file_00000000db508211967f18e9e1d25040
  • MP News
  • National
  • Politics
  • दतिया न्यूज

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की बढ़त बरकरार, छठे राउंड के बाद घनश्याम सिंह 1,786 वोटों से आगे

Rahul Vishwakarma August 3, 2026

Recent Posts

  • मास्क के पीछे का सच: मक्सी रोड की इंडिया फास्फेट फैक्टरी से लेकर पीएफ दफ्तर तक फैला शोषण का ‘साइलेंट सिस्टम’
  • उज्जैन स्वास्थ्य विभाग में ‘घोस्ट एम्प्लॉई’ का खेल, ठेका कंपनी बांट रही अफसरों को लिफाफे
  • मध्य प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 25-26 सितंबर को अति भारी बारिश का अलर्ट — बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से पूर्वी MP में ज्यादा असर
  • दतिया उपचुनाव 2026: कांग्रेस की धमाकेदार वापसी, भाजपा को बड़ा झटका; क्या नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलना पड़ा भारी?
  • दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की बढ़त बरकरार, छठे राउंड के बाद घनश्याम सिंह 1,786 वोटों से आगे

Categories

  • Bollywood
  • Cricket news
  • MP News
  • National
  • Politics
  • Ujjain news
  • दतिया न्यूज

You May Have Missed

file_00000000071481fa91d9a91bf95c5fc8
  • Bollywood

मास्क के पीछे का सच: मक्सी रोड की इंडिया फास्फेट फैक्टरी से लेकर पीएफ दफ्तर तक फैला शोषण का ‘साइलेंट सिस्टम’

Rahul Vishwakarma October 1, 2026
file_0000000076e481f5acaee227d32132e3
  • Ujjain news

उज्जैन स्वास्थ्य विभाग में ‘घोस्ट एम्प्लॉई’ का खेल, ठेका कंपनी बांट रही अफसरों को लिफाफे

Rahul Vishwakarma September 25, 2026
file_0000000095a481f8afe032d3f92c4406
  • MP News
  • Ujjain news

मध्य प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 25-26 सितंबर को अति भारी बारिश का अलर्ट — बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से पूर्वी MP में ज्यादा असर

Rahul Vishwakarma September 24, 2026
file_00000000f60c8208a075b56b13976af3
  • MP News
  • Politics
  • Ujjain news
  • दतिया न्यूज

दतिया उपचुनाव 2026: कांग्रेस की धमाकेदार वापसी, भाजपा को बड़ा झटका; क्या नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलना पड़ा भारी?

Rahul Vishwakarma August 3, 2026
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Disclaimer
  • Contact
  • About
Copyright © 2026 All rights reserved | therealinsightindia.com | ReviewNews by AF themes.